Imaginative Talks

रोज़ बात करने के बावजूद भी,
समझते नहीं हैं वो मुझे,

आखिर उनकी भी क्या गलती कहूं,
मात्र! एक चित्र ही तो है उनका...

मेरे पास बात करने के लिए।

- Rahul Garg

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