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कलम की आवाज़

एहसास हुआ आज के, कलम को आवाज देनी बहुत जरूरी है, वरना मनोदशा के अनुसार लोग, अलग-अलग अर्थ सोच लेते हैं। ज़ुबानी वार्तालाप होना अनिवार्य है, नहीं तो ख़त लिखो अमन-ओ-शांति के लिए, और लोग धमकी समझ लेते हैं। -Rahul