आवाज
सुनाई दे रही थी गली-गली आवाज
सोचा कैसे पहुंची यहां तक आवाज
मैं टटोल रहा था दिमाग में उसे
फोन में सुनाई दी फिर आवाज
आहिस्ता आहिस्ता चलता रहा उस तरफ
जहां से आई कदमों की छाप की आवाज
इंतजार में था मैं कि कहूं कुछ
फिर कलम में स्याही भरकर गई आवाज
देखा चारों तरफ दिखाई ना दिया कुछ
आंखें मूंद ली तो फिर मिल गई आवाज
मैं टटोल रहा था दिमाग में उसे
फोन में सुनाई दी फिर आवाज
आहिस्ता आहिस्ता चलता रहा उस तरफ
जहां से आई कदमों की छाप की आवाज
इंतजार में था मैं कि कहूं कुछ
फिर कलम में स्याही भरकर गई आवाज
देखा चारों तरफ दिखाई ना दिया कुछ
आंखें मूंद ली तो फिर मिल गई आवाज
- Me
Aawa'j' is intentional here.
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