आँखें (Eyes)

देखता हूँ जब इनमे ,
तो इक आवाज़ सी आती है,
न जाने क्यों,
बिना कुछ कहे,
ये सब कह जाती है.

जनाब,

इनकी गहराईयों में देखिएगा कभी गौर से,
ये आँखें,
हैं सिर्फ देखने के लिए,
पर बहुत कुछ,
दूर से ही कह जाती हैं....

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